हिंदुस्तानी संगीत — गायन एवं वादन - Sangeet | Class 11 (Hindi)

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हिंदुस्तानी संगीत — गायन एवं वादन - Sangeet | Class 11 (Hindi)

यह पाठ्यपुस्तक "हिंदुस्तानी संगीत — गायन एवं वादन" उच्च माध्यमिक स्तर के उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है जो हिंदुस्तानी संगीत में गायन और वादन सीख रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य उनकी दक्षताओं को बढ़ाना है। यह पुस्तक छात्रों को भारतीय संगीत के विभिन्न पहलुओं की गहरी जानकारी प्रदान करती है, जिसमें भारतीय संगीत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उसके निरंतर विकास का ज्ञान समाहित है। इसमें वैदिक काल, रामायण, महाभारत, नाट्यशास्त्र, बृहद्देशी और संगीत रत्नाकर जैसे प्राचीन ग्रंथों का भी परिचय दिया गया है।

पाठ्यपुस्तक हिंदुस्तानी संगीत के सैद्धांतिक और प्रयोगात्मक पक्षों की स्पष्ट विवेचना करती है। इसमें संगीत के आधारभूत तत्व जैसे नाद, श्रुति, स्वर, ताल और लय की विस्तृत चर्चा की गई है, जिससे छात्रों को संगीत के सिद्धांतों की गहरी समझ विकसित होती है। यह राग पद्धति के क्रमिक विकास का भी विवरण देती है, जिसमें पाठ्यक्रम में शामिल प्रमुख रागों और उनसे संबंधित नानाविध बंदिशों की रूपरेखा दी गई है। इसके माध्यम से विद्यार्थी रागों के विस्तृत क्षेत्र और असंख्य गीतों, धुनों व रचनाओं को जान पाते हैं।

इसके अतिरिक्त, यह पाठ्यपुस्तक पंडित विष्णु नारायण भातखंडे और पंडित विष्णु दिगम्बर पलुस्कर द्वारा निर्मित हिंदुस्तानी संगीत में प्रचलित स्वर-ताल-लिपि पद्धतियों, प्रमुख तालों के ठेकों एवं लयकारी का भी सविस्तार वर्णन करती है। छात्रों को वाद्यों का वर्गीकरण, प्रचलित वाद्यों का सचित्र वर्णन, तथा गायन एवं सितार वादन के कतिपय घरानों का उल्लेख मिलता है। यह संगीत के महान कलाकारों और संगीतज्ञों के योगदान को भी प्रमुखता से दर्शाती है, जिससे छात्रों को गायन और वादन की शैली तथा तकनीकों में माहिर होने का अवसर प्राप्त होता है, और वे संगीत विश्व में मुखरित हुए प्रसिद्ध कलाकारों के योगदान से भी परिचित होते हैं।