वितान (भाग-2) - Hindi | Class 12 (Hindi)

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वितान (भाग-2) - Hindi | Class 12 (Hindi)

"वितान भाग 2" पाठ्यपुस्तक विशेष रूप से बारहवीं कक्षा में हिंदी (आधार) पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई है, जहाँ भाषा, देश, विधा और आकार जैसे विविध पहलुओं पर गहनता से विचार किया गया है। इस पुस्तक की परिकल्पना इस प्रकार की गई है कि यह रुचिकर रचनाओं के माध्यम से बच्चों को विशाल दुनिया के अतीत, वर्तमान और भविष्य से साक्षात्कार करा सके। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के स्कूली जीवन को बाहरी जीवन से जोड़ना और किताबी ज्ञान की बजाय रचनात्मक व अनुभवात्मक अधिगम के अवसर प्रदान करना है, जिससे वे गहन सोच और आत्मविश्लेषण कर सकें और अपनी पहचान व समाज में अपने स्थान के प्रति जागरूक हों।

इस पुस्तक में 'सिल्वर वैडिंग' जैसी आत्मकथात्मक रचनाएँ शामिल हैं, जो मनोहर श्याम जोशी द्वारा लिखित एक लंबी कहानी है। यह कहानी आधुनिकता की ओर बढ़ते समाज में मानवीय मूल्यों के क्षरण और नई उपलब्धियों के बीच के द्वंद्व को मार्मिक ढंग से चित्रित करती है। कहानी के मुख्य चरित्र यशोधर बाबू अपने गुरु किशनदा की परंपराओं और पुराने मूल्यों से जुड़े हुए हैं, जबकि उनके बच्चे और पत्नी आधुनिक जीवन शैली अपना चुके हैं। यशोधर बाबू के भीतर का यह द्वंद्व 'जो हुआ होगा' और 'समहाउ इंप्रापर' जैसे वाक्यांशों में परिलक्षित होता है, जो यथास्थितिवाद और अनिर्णय की स्थिति को दर्शाते हैं। यह रचना विद्यार्थियों को पारिवारिक संबंधों में बदलते मूल्यों और परंपराओं के संघर्ष को समझने में मदद करती है, साथ ही यह विचार करने का अवसर देती है कि खुशहाली कहीं अपनों में परायापन तो नहीं पैदा कर रही।

इसके अतिरिक्त, पुस्तक में ओम थानवी की 'अतीत में दबे पाँव' जैसी रचना भी है, जो सिंधु घाटी सभ्यता के सुनियोजित विकास और नगर-योजना का विस्तृत वर्णन करती है। यह रचना इतिहास और पुरातत्व के माध्यम से मानवीय सभ्यता के विकास और उसकी विशेषताओं पर प्रकाश डालती है, विशेष रूप से मुअनजो-दड़ो और हड़प्पा जैसे महान नगरों के अद्वितीय वास्तुकौशल, जल-निकासी की उन्नत व्यवस्था और समाज-पोषित सौंदर्यबोध को दर्शाती है। यह ऐतिहासिक जानकारी विद्यार्थियों को उनकी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में सहायक होती है और उनमें कला, सुरुचि तथा सामाजिक जागरूकता को प्रोत्साहित करती है। पुस्तक में डॉ. आनंद यादव के आत्मकथात्मक उपन्यास 'जूझ' का अंश भी है, जो एक किशोर के ग्रामीण जीवन के यथार्थ और पढ़ने की तीव्र लालसा को उजागर करता है, जिससे विद्यार्थियों में संघर्ष और दृढ़ता की भावना जागृत होती है।